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प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: शराबी पिता ने की बेटे की हत्या

SV News

प्रयागराज में रिश्तों का कत्ल: शराबी पिता ने 18 साल के सगे बेटे को चाकू और डंबल से मारकर उतारा मौत के घाट

प्रयागराज (राजेश सिंह)। यमुनानगर के करछना थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। कैथी गांव में शराब के नशे में धुत एक पिता ने अपने ही 18 साल के बेटे की चाकू और जिम वाले सीमेंट के डंबल से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने गांव के पास स्थित बगीचे से गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे हुई वारदात

जानकारी के अनुसार कैथी गांव निवासी रघुनंदन द्विवेदी मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे शराब के नशे में घर पहुंचा। घर पर उसके सबसे बड़े बेटे 18 वर्षीय अभिषेक द्विवेदी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्से में रघुनंदन ने घर में रखा चाकू उठाकर बेटे पर हमला कर दिया। इतने से भी मन नहीं भरा तो जिम में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट के डंबल से उसके सीने पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए और मौके से भाग गया।

परिजन लहूलुहान अभिषेक को लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची करछना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इंटर कॉलेज का छात्र था मृतक, दादा के साथ रहता था

मृतक अभिषेक द्विवेदी अपने दादा कृष्ण अवतार द्विवेदी के साथ रहता था। वह गांव के ही इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र था और रोज करछना स्थित जिम सेंटर में जाता था। 

दादा कृष्ण अवतार द्विवेदी ने बताया कि रघुनंदन की शराब की लत से पूरा परिवार परेशान था। कई बार पुलिस से शिकायत भी की गई, लेकिन वह नहीं सुधरा। इसी साल जनवरी में उसे कौशांबी के मामा-भांजा स्थित नशा मुक्ति केंद्र में तीन महीने के लिए भर्ती कराया गया था। मार्च में वापस आने के बाद वह फिर से शराब के नशे में रहने लगा था।

अवैध नशे के कारोबार पर उठे सवाल

इस सनसनीखेज वारदात के बाद क्षेत्र में अवैध शराब और नशे के कारोबार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि गांव में कच्ची शराब आसानी से मिल जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कच्ची शराब के साथ-साथ गांजा और स्मैक की बिक्री की भी शिकायतें आती रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि नशे के अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद स्थायी कार्रवाई नहीं होती। कभी-कभार छोटे कारोबारियों को पकड़कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिसके बाद फिर से वही धंधा शुरू हो जाता है। हालांकि इन आरोपों को लेकर पुलिस की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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