ब्रेकर पर उछली बाइक, हेलमेट न होने से गई छात्र की जान - एक की हालत गंभीर
प्रयागराज (राजेश सिंह)। यमुनानगर में सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोलता एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। कोरांव-कोहड़ार घाट मार्ग पर शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर ब्रेकर पर उछल गई। हादसे में 20 वर्षीय छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतक की पहचान मेजा थाना क्षेत्र के बदौवा खुर्द गांव निवासी आशीष कुमार सिंह (20) के रूप में हुई है, जबकि घायल युवक रूपेश कुमार (21) मध्य प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। दोनों रिश्ते में बुआ के भाई हैं।पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आशीष अपने भाई रूपेश के साथ प्रयागराज से बाइक से घर लौट रहा था। रात करीब 11 बजे जैसे ही उनकी बाइक मेजा थाना क्षेत्र के डाबर गांव के पास नहर की पुलिया पर पहुंची, वहां बने बिना संकेत वाले बड़े ब्रेकर पर तेज रफ्तार बाइक अचानक हवा में उछल गई।
बाइक उछलते ही दोनों युवक सिर के बल सड़क पर गिर पड़े। दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे सिर पर गंभीर चोट आई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान हरदोंन गांव निवासी अधिवक्ता विवेक सिंह वहां से गुजर रहे थे। उनकी नजर सड़क पर पड़े दोनों घायलों पर पड़ी। उन्होंने मानवता दिखाते हुए तुरंत निजी वाहन से दोनों को *सीएचसी कोरांव* पहुंचाया।
सीएचसी में डॉक्टरों ने आशीष को देखते ही मृत घोषित कर दिया। रूपेश की हालत नाजुक देख उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल प्रयागराज रेफर कर दिया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
आशीष इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में स्नातक द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
अस्पताल में घायल रूपेश ने खुद बताया, "हम दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था। अगर हेलमेट होता तो शायद आशीष बच जाता। ब्रेकर का पता ही नहीं चला, न कोई सफेद पट्टी थी, न कोई बोर्ड।"
पुलिस बोली - जांच जारी
कोरांव थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि "आशीष के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायल का इलाज चल रहा है। प्रथम दृष्टया तेज रफ्तार और हेलमेट न पहनना हादसे की वजह है। पुलिया पर बने ब्रेकर पर संकेतक न होने की भी जांच की जा रही है।"
सवाल खड़े करता हादसा: ग्रामीणों का कहना है कि कोहड़ार घाट मार्ग पर दर्जनों ब्रेकर बने हैं, लेकिन अधिकांश पर न तो सफेद पेंट है और न ही चेतावनी बोर्ड। रात में ये ब्रेकर मौत का सबब बन रहे हैं।
