प्रयागराज (राजेश सिंह)। गंगापार के सैदाबाद में तेंदुआ ने 15 दिन के अंदर दो पशुओं की जान ले ली। इसमें एक भैंस उसका शिकार बनी तो एक बकरे को उसने अपना निवाला बनाया। बुधवार की सुबह खेत गई एक महिला पर भी वह झपटा। जैसे-तैसे उसने अपनी जान बचाई। वन विभाग की टीम दो दिन से चक्कर लगा रही है, लेकिन पकड़ना तो दूर तेंदुआ की एक झलक भी नहीं देख सकी। गांव के एक बाग में पिंजरा लगाया गया है।
गंगा नदी के किनारे बसे ऊष्मापुर में सबसे पहले 29 सितंबर को तेंदुआ दिखा था। गांव के रहने वाले संतोष भारतीय के घर वाले कछार के पास ही बकरी चरा रहे थे। इसी लोगों की आंखों के सामने से तेंदुआ एक बकरे को उठा ले गया। शोरगुल सुनकर आए ग्रामीणों ने काफी खोजबीन की, लेकिन तेंदुआ नहीं दिखा।
इसके बाद ग्राम प्रधान ज्ञान देवी के पति धनंजय मौर्य रात करीब आठ बजे अपने घर के पास तेंदुआ को टहलते हुए देखा। प्रधान पति ने बताया कि कुछ सेकेंड के अंदर ही तेंदुआ उनकी आंखों से ओझल हो गया। इसके बाद बुधवार की सुबह तेंदुआ ने राहुल की पत्नी स्नेहा पर हमला कर दिया। वह कछार के पास स्थित अपने खेत में घास छीलने गई थी।
महिला ने जब चीखना-चिल्लाना शुरू किया तो तेंदुआ भाग गया। प्रधान पति का कहना है कि 15 दिन पहले तेंदुआ ने तेलियातारा में दरवाजे पर बंधी किसान ननकऊ की भैंस पर हमला करके घायल कर दिया था। ननकऊ ने काफी इलाज कराया, लेकिन भैंस की जान नहीं बची। वन विभाग की टीम दो दिन से गांव में भ्रमण कर रही है। लेकिन, तेंदुआ का कोई सुराग नहीं मिला है।
ऊष्मापुर, तेलियातारा, हरिहरपुर, बड़ौली, बद्दू का पूरा सहित आसपास के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों में तेंदुआ को लेकर दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि एक साल से तेंदुआ इसी इलाके में घूम रहा है। हंडिया रेंजर मो. इमरान खान ने बताया कि जिस स्थान पर तेंदुआ सबसे अधिक देखा गया है, वहां पिंजरा लगाया गया है। लोगों को जागरूक और सतर्क किया जा रहा है। लगातार निगरानी की जा रही है।
