प्रयागराज (राजेश सिंह)। यात्री बसों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन कवच 2.0 के दौरान सरकारी गाड़ी में नोट गिनने का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले में आरटीओ प्रवर्तन सत्येंद्र प्रकाश सिंह की तहरीर पर दारागंज थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने BNS की धारा 204 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अजय कुमार को सौंपी गई है।
तहरीर के मुताबिक वायरल वीडियो में पुष्पेंद्र सिंह नाम का व्यक्ति यात्रीकर/मालकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान को आवंटित सरकारी वाहन UP 32 FG 3603 में बैठकर कैश गिनता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर इसे बसों से वसूले गए 10 हजार रुपये की रिश्वत के रूप में प्रसारित किया जा रहा है।
मंगलवार को वायरल हुए इस वीडियो में एक स्लीपर बस से श्रद्धालुओं के उतरने और पीछे की सीट पर बैठे व्यक्ति के नोट गिनने का दृश्य है, जिसके बाद वसूली के आरोप लगे।
यात्रीकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान ने आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहा पुष्पेंद्र सिंह उनका रिश्तेदार है, जिसे सरकारी चालक न होने के कारण निजी चालक के तौर पर रखा गया है।
अधिकारी के अनुसार बस का 41 हजार रुपये का चालान किया गया था, जिसमें 23 हजार रुपये ऑनलाइन और 18 हजार रुपये नकद जमा कराए गए थे, वही पैसा गिना जा रहा था।
आरटीओ प्रवर्तन सत्येंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि मौके पर यात्रीकर अधिकारी आगे की सीट पर मौजूद थे, पीछे निजी चालक के बैठकर पैसे गिनने के मामले में पूछताछ की जा रही है।
ऑपरेशन के दौरान चेकिंग में श्रद्धालुओं से भरी बसों में बड़ी खामियां मिलीं। बसों में इमरजेंसी एग्जिट ब्लॉक मिला, क्षमता से अधिक सीटें लगी थीं और टैक्स बकाया था।
अभियान के दूसरे दिन प्रयागराज से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जाने वाली 8 स्लीपर बसों में निकासी द्वार ब्लॉक मिलने पर सभी को सीज कर दिया गया। क्षमता से अधिक यात्री और बकाया टैक्स को लेकर कार्रवाई जारी है।
