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वो मेरे लिए सब कुछ थे, ये खालीपन जिंदगीभर साथ रहेगा, यादों के सहारे जिऊंगीः हेमा मालिनी

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धर्मेंद्र के निधन के 3 दिन बाद हेमा मालिनी ने उनके लिए कई भावुक पोस्ट शेयर की हैं। उन्होंने कहा है कि धर्मेंद्र उनके लिए सब कुछ थे और उनके जाने से जो खालीपन पैदा हुआ, वो जिंदगीभर रहेगा...

हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के साथ तस्वीर शेयर कर भावुक होकर लिखा-धर्म जी। वो मेरे लिए बहुत कुछ थे, एक प्यार करने वाले पति, हमारी दो बेटियों ईशा और अहाना के स्नेही पिता, एक मित्र, दार्शनिक, मार्गदर्शक, कवि, जरूरत के हर समय मेरे ‘गो-टू’ इंसान। सच कहूं तो, वे मेरे लिए सब कुछ थे। अच्छे और बुरे हर दौर में वे हमेशा मेरे साथ रहे। उन्होंने अपने सहज, दोस्ताना स्वभाव से मेरे परिवार के हर सदस्य का दिल जीत लिया था, हमेशा सभी को स्नेह और अपनापन देते हुए।

आगे उन्होंने लिखा, ‘एक सार्वजनिक हस्ती के रूप में, उनकी प्रतिभा, उनकी लोकप्रियता के बावजूद उनका विनम्र स्वभाव, और उनका सार्वभौमिक आकर्षण, इन सब ने उन्हें एक ऐसा अनोखा और अतुलनीय आइकन बना दिया, जिसकी मिसाल शायद ही किसी दिग्गज में मिलती है। फिल्म इंडस्ट्री में उनकी कीर्ति और उपलब्धियां हमेशा याद रखी जाएंगी। मेरी निजी हानि शब्दों से परे है, और जो खालीपन पैदा हुआ है, वह मेरी पूरी जिंदगी के साथ रहेगा। सालों के साथ-सफर के बाद अब मैं सिर्फ अनगिनत यादों के सहारे उन खास पलों को फिर-फिर जिऊंगी।’

इसके अलावा हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के साथ बिताए कुछ यादगार पलों की तस्वीरें शेयर कर लिखा है, सालों की साथ-संगत, हमेशा हमारे लिए मौजूद रहे। कुछ खास पल।

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धर्मेंद्र और हेमा की पहली मुलाकात 1965 में फिल्मकार ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म आसमान महल के प्रीमियर में हुई थी। हेमा ने सिमी गरेवाल के शो में बताया था कि जब उन्होंने धर्मेंद्र को पहली बार देखा, तो सोचा- “मैंने इतना हैंडसम आदमी पहले कभी नहीं देखा।”

लड़का हैंडसम था तो क्या? पहले से शादीशुदा था। बस एक ख्याल था, दिल में आया और चला गया। हेमा के घरवाले यूं भी काफी सख्त थे। उन्हें फिल्मों में काम करने की इजाजत थी, मुहब्बत की पींगे बढ़ाने की नहीं, लेकिन दिल पर किसी का जोर कभी चला है, जो अब चलता। ये तो वो आतिश है कि जो लगाए न लगे और बुझाए न बुझे। 

धर्मेंद्र लंबे समय से उम्र संबंधित परेशानियों से जूझ रहे थे। सबसे पहले 31 अक्टूबर को उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जिसके बाद 10 नवंबर को उन्हें दोबारा भर्ती करवाया गया। 2 दिनों तक उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में वैंटिलेटर पर रखा गया था, जिसके बाद वो 12 नवंबर को डिस्चार्ज हुए थे।

धर्मेंद्र के परिवार ने कहा था कि वो रिकवर कर रहे हैं और डॉक्टर्स की निगरानी में हैं। इसके बाद 24 नवंबर की दोपहर अचानक उनके निधन की खबर सामने आई। धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में किया गया था, जिससे फैंस उनके अंतिम दर्शन नहीं कर पाए।

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