शंकराचार्य आनंद ज्योति सरस्वती पहुंची प्रयागराज, प्रशासन से की व्यवस्था की मांग
प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघ मेले के विशाल समागम में जहां एक तरफ 13 अखाड़ों और किन्नर अखाड़े को प्रशासन की ओर से तमाम व्यवस्था और सुरक्षा मुहैया कराई गई है। वहीं कैवल्य महिला अखाड़ा इस व्यवस्थाओं से दूर है। ऐसे में कैवल्य अखाड़े की अध्यक्ष व शंकराचार्य डाक्टर आनंद ज्योति सरस्वती महाराज ने अन्य अखाड़ों की तरह कैवल्य महिला अखाड़े को भी सुविधाएं और व्यवस्थाओं को मुहैया कराने की मांग की है।
महिला संतों के लिए किया गया कैवल्य अखाड़े का गठन
कैवल्य महिला अखाड़े की शंकराचार्य डाक्टर आनंद ज्योति सरस्वती ने बताया कि महाकुंभ के दौरान इस अखाड़े का गठन करने के लिए संकल्प लिया गया था। जो धीरे धीरे पूरा हो रहा है। जो 13 अखाड़े है वो हमें मान्यता दें या न दें। हमारा महिला अखाड़ा महिला संतों के लिए हर संभव खड़ा है। इस अखाड़े का गठन अपने साहस से किया गया है। हमें किसी को आवश्यकता नहीं। कोई हे शामिल करे या न करे। हां अगर स्वयं से शामिल करते है तो शामिल होंगे।
मौनी अमावस्या पर करेंगे शाही स्नान
शंकराचार्य ने कहा कि इस मौनी अमावस्या पर कैवल्य महिला अखाड़ा भी शाही स्नान करेगा। महाकुंभ में भी अव्यवस्थाओं की बीच शाही स्नान हुआ था। लेकिन इस माघ मेले में भी स्नान करेंगे। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन भले ही सुविधा नहीं दे रहा है। हम इसके लिए आवाज उठाएंगे और अपने महिला अखाड़े के लिए अपना हक लेकर रहेंगे।
कैवल्य अखाड़े में वैदिक अनुष्ठान शुरू
आचार्य महामंडलेश्वर कृष्णा माता ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व के साथ शिविर में वैदिक अनुष्ठान शुरू कर दिया गया है। प्रतिदिन यहां पर विशेष रूप से हवन और पूजा होगी। जिसमें अखाड़े की सभी महिला संत और भक्त शामिल होंगे।
