प्रयागराज (जितेन्द्र शुक्ला)। मौनी अमावस्या के पावन एवं पुण्यदायी अवसर पर सद्विप्र समाज सेवा शिविर, प्रयागराज में आध्यात्मिक श्रद्धा, संयम और सेवा भाव से परिपूर्ण भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर सद्विप्र समाज सेवा के संस्थापक एवं आध्यात्मिक पथप्रदर्शक पूज्य सद्गुरुदेव स्वामी कृष्णानंद जी महाराज के सानिध्य में प्रातःकाल डॉ. कल्पराज सिंह, आचार्य कुणाल स्वामी, आचार्य जनेश्वर स्वामी सहित श्रद्धालुओं एवं शिष्यों ने दिव्य त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
संगम स्नान के उपरांत शिविर परिसर में वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन एवं दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी आशीर्वचनों से अनुग्रहीत करते हुए कहा कि मौनी अमावस्या आत्मसंयम, आत्मशुद्धि तथा सेवा-साधना का महापर्व है।
उन्होंने समाज के प्रति कर्तव्यबोध, सदाचार और सेवा को जीवन का मूल मंत्र बताया।गुरुदेव के आशीर्वचनों के पश्चात उनके प्रतिनिधि आचार्य कुणाल स्वामी के कुशल संयोजन एवं निर्देशन में हजारों साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में अनुशासन, श्रद्धा एवं सेवा भाव के साथ प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया।पूरे कार्यक्रम के दौरान शिविर में भक्ति, साधना, सेवा और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सद्विप्र समाज सेवा शिविर द्वारा मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना एवं मानव सेवा के मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है। उक्त सूचना शिविर संचालक वीरभद्र प्रताप ने दी।


