Ads Area

Aaradhya beauty parlour Publish Your Ad Here Shambhavi Mobile Aaradhya beauty parlour

अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन को चुनौती

sv news

हाईकोर्ट पहुंचा टीजीटी शिक्षक भर्ती 2025 मामला, महाधिवक्ता को नोटिस जारी

प्रयागराज (राजेश सिंह)। लोक सेवा आयोग द्वारा टीजीटी 2025 शिक्षक भर्ती विज्ञापन को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। इसे लेकर दाखिल याचिका में सहायक अध्यापक कंप्यूटर की भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक ग्रेड) सेवा नियमावली में संशोधन कर बीएड को अधिमान्य योग्यता बनाए जाने को भी चुनौती दी गई है।

विनोद कुमार यादव और चार अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की पीठ ने महाधिवक्ता को नोटिस जारी करते हुए सभी पक्षों चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट चयन प्रक्रिया जारी रखने मगर गैर बीएड डिग्री धारी अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं देने का निर्देश दिया है।

याचियों का कहना था कि लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के खंड छह में सहायक अध्यापक कंप्यूटर की नियुक्ति के लिए बीएड को अधिमान्य योग्यता दिया गया है जबकि एनसीटीई की 2014 की अधिसूचना में बीएड सहायक अध्यापक नियुक्ति के लिए अनिवार्य योग्यता है। कहना था कि सुप्रीम कोर्ट में एपीजे अब्दुल कलाम टेकंलॉजिकल यूनिवर्सिटी बनाम जय भारत कॉलेज के मामले में कहा है कि एनसीटीई द्वारा निर्धारित योग्यता राज्य सरकारों के लिए बाध्यकारी है।

राज्य सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि 2018 की भर्ती में सहायक अध्यापक कंप्यूटर के पद पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण कई पद रिक्त रह गए थे। छात्रों के हित को देखते हुए यह संशोधन किया गया है। कोर्ट का कहना था कि इस बात में विवाद नहीं है कि एनसीटीई की अधिसूचना विशेष रूप से बीएड को अनिवार्य योग्यता का प्रावधान करती है। ऐसे में प्रथम दृष्टया यह संशोधन जारी रहने योग्य नहीं है। राज्य सरकार के अधिवक्ता के अनुरोध पर कोर्ट ने सभी पक्षों को चार सप्ताह में शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही महाधिवक्ता को भी नोटिस जारी किया है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad