दद्दा जी की स्मृति में राजपाल यादव ने की थी शुरुआत, हजारों ने किए प्रवाहित
प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघ मेला क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय पार्थिव शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान का सोमवार को समापन हो गया। यह आयोजन गृहस्थ संत पंडित देवप्रभाकर शास्त्री उर्फ दद्दा जी की स्मृति को समर्पित था। इसमें देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने संगम स्नान कर असंख्य पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया।
डॉ. अनिल प्रभाकर शास्त्री की देखरेख में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और महारुद्राभिषेक का विधिवत समापन हुआ। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और ष्हर-हर महादेवष् के जयघोष से पूरा मेला परिसर गूंज उठा।
डॉ. अनिल प्रभाकर शास्त्री ने बताया कि यह आयोजन गुरुदेव दद्दा जी की स्मृति को समर्पित एक साधना यात्रा थी। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं की श्रद्धा, सेवा भाव और अनुशासन ने इस आयोजन को सफल बनाया। सनातन संस्कृति के मूल्यों को जीवन में उतारना ही गुरुदेव की शिक्षाओं का सार है।
दद्दा जी के शिविर में असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण का यह संकल्प विधिवत पूरा किया गया। यह आयोजन प्रतिवर्ष माघ मेले में होता है। इस वर्ष इसकी शुरुआत फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने की थी। उन्होंने स्वयं भी शिवलिंग निर्माण में भाग लिया। वह हर साल इस आयोजन के लिए प्रयागराज आते है। उनका कहना है कि दद्दा जी उनके पिता जैसे थे।
मेले के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने संगम स्नान कर पार्थिव शिवलिंग बनाए। इन शिवलिंगों को महा रुद्राभिषेक के बाद विधिवत रूप से संगम में प्रवाहित कर आयोजन का समापन किया गया। आयोजन के दौरान प्रतिदिन विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं और कल्पवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सेवा शिविर, स्वच्छता व्यवस्था और स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका ने इस आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराया। मीडिया प्रभारी सनी केसरी ने बताया कि यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, संस्कार और समर्पण का संदेश भी देता है।

