मुस्लिम महिला ने ब्रेनवॉश किया, आइवीएफ सेंटर में ऑपरेशन से अंडाणु निकलवाए
प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज में 15 साल की लड़की के अंडाणु बेचने का मामला सामने आया है। ‘किराये की कोख’ (सरोगेसी) के लिए कीमत लगाई एक एप्पल का आईफोन और 15 हजार रुपए। पूरे रैकेट के पीछे एक मुस्लिम महिला सामने आई है। उसने ही 15 साल की लड़की कोमल (बदला हुआ नाम) का ब्रेनवॉश किया था। कहा था- छोटे से ऑपरेशन के बाद तुम्हें नई जिंदगी मिल जाएगी।
लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने कहा कि महिला उसको मुस्लिम धर्म की आजादी के बारे में समझाती थी। कहती थी- जब अच्छा पैसा कमा लोगी, तब निकाह पढ़वा देंगे। पुलिस की जांच में सामने आया कि 1 साल में 20-25 कम उम्र की लड़कियों का इस तरह से अंडाणु निकाला गया है।
अब पुलिस मुस्लिम महिला को ट्रेस करते हुए 3 एंगल पर जांच कर रही है। पहला- कितनी नाबालिग लड़कियों का ऑपरेशन करके इस तरह से अंडाणु निकाले गए। दूसरा- इसके पीछे क्या सेक्स रैकेट एक्टिव है? तीसरा- क्या धर्मांतरण कराने के लिए भी ब्रेनवॉश किया जा रहा था? पुलिस ने फिलहाल लड़की को शेल्टर होम में रखा है। 5 फरवरी यानी आज लड़की का मेडिकल कराया जाएगा।
बेटी अचानक गायब, फिर IVF में एडमिट मिली
पूरे मामले की शुरुआत प्रयागराज के नवाबगंज से होती है। यहां के मंसूराबाद की रहने वाली शालिनी (बदला हुआ नाम) के पति की 5 साल पहले मौत हो गई थी। शालिनी अब अपने 3 बेटियों के साथ रहती है। इसमें सबसे बड़ी बेटी कोमल 15 साल की, जबकि सबसे छोटा बेटा अनुज 5 साल का है।
मां का कहना है- मेरी बड़ी बेटी कोमल कुछ दिनों से पहल उर्फ जोया के संपर्क में थी। वो उससे कहां और कैसे मिली, ये नहीं पता। वो उसके साथ सुबह निकल जाती थी, फिर शाम को ही लौटकर आती थी। मुझे शक हुआ तो कोमल से सवाल पूछे। मगर वो टालमटोल कर देती, कभी कुछ साफ नहीं बताती थी।
15 जनवरी को कोमल अचानक लापता हो गई। हम लोगों ने उसे फोन किया तो मोबाइल भी बंद था। बेटी को हर जगह ढूंढा, मगर कुछ पता नहीं चला। थाने में जाकर कोमल की तस्वीर के साथ एक शिकायत भी सौंपी।
फिर 21 जनवरी को पता चला कि वह सिविल लाइंस के एक IVF सेंटर में एडमिट है। मैं वहां पहुंची, बहुत मुश्किल से मुझे कोमल से मिलने दिया गया। वहां पता चला कि मेरी बेटी का तो ऑपरेशन हो चुका है। वो 15 साल की है, उसके अंडाणु निकाले गए थे, ताकि किसी दूसरी महिला के बच्चा हो सके।
शालिनी ने कहा- अब बेटी मेरी बात नहीं सुनती, उसको जोया ही सही लगती है।
शालिनी ने कहा- अब बेटी मेरी बात नहीं सुनती, उसको जोया ही सही लगती है।
बेटी ने बताया- मेरे पीरियड रोके, फिर ऑपरेट किया
शालिनी कहती हैं- मुझे तो कुछ समझ नहीं आया, किसी तरह से बेटी को लेकर घर वापस लौटकर आई। बेटी ने मुझे कहा कि इस ऑपरेशन के बदले उसको एक एप्पल का आईफोन और 15 हजार रुपए कैश देने का वादा किया गया था। अभी सिर्फ 5 हजार रुपए मिले हैं।
कोमल ने कहा- जोया मेरा पूरा काम देख रही थी। वही मुझे आईफोन देगी। मेरे जैसी और लड़कियां भी उसके संपर्क में हैं। बेटी ने बताया कि एडमिट होने से पहले उसे इंजेक्शन लगाए गए थे। इस तरह से उसके पीरियड (मासिक धर्म) रोक दिए गए थे। फिर हर रोज IVF सेंटर बुलाया जाता, वहां इंजेक्शन लगाए जाते थे। 16 जनवरी को एडमिट करने के बाद उसका ऑपरेशन किया गया।
शालिनी ने कोमल को घर लाने के बाद डांटा, उस रात तो सब लोग सो गए। मगर अगले दिन कोमल फिर से लापता हो गई। शालिनी की शिकायत पर फाफामऊ पुलिस ने कोमल की तलाश शुरू की। इसी बीच 3 फरवरी को वह फिर घर लौट आई।
पुलिस ने जब कोमल से सवाल पूछे- तो उसने जोया को मददगार की तरह बताया। चूंकि, कोमल की उम्र 15 साल की थी, इसलिए ये मामला प्रयागराज के बाल कल्याण समिति (CWC) के पास भेजा गया।
CWC के अध्यक्ष अखिलेश मिश्र ने लड़की और मां को अपने कोर्ट में बुलाया। दोनों के बयान दर्ज कराए। मामला गंभीर देख लड़की को शाहगंज थाने में बने वन स्टाप सेंटर (शेल्टर होम) में रखा गया है। अध्यक्ष के आदेश के बाद विशेष किशोर पुलिस ईकाई ने ऑन कैमरा लड़की का बयान दर्ज किया। अब उसका मेडिकल कराया जाएगा।
बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र ने कहा-
चाइल्ड लाइन के जरिए लड़की के बारे में सूचना मिली है, ऐसा लगता है कि उसका ब्रेनवॉश किया गया है। इसलिए लड़की शेल्टर होम में रखा गया है। इतना क्लियर है कि लड़की का ब्रेन वॉश करके अंडाणु निकालने का ऑपरेशन किया गया है। लड़की के बयानों में इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करने की बात भी सामने आई है। ऐसी कितनी लड़कियां रैकेट में फंसी है, हम जांच करवा रहे है।
शालिनी ने पुलिस को नए सिरे से शिकायत पत्र सौंपा है। जोया करेली में रहती है, उसके घर में शौहर मिजान और मां रिंकी हैं। वह लड़कियों का ब्रेनवॉश करके धर्म बदलने के लिए प्रेरित करती है। इसके बाद आईवीएफ सेंटर ले जाकर अंडाणु निकाले जाने का ऑपरेशन किया जाता है। गिरोह ऐसी लड़कियों से देह व्यापार करवाता है। साथ ही कोख बिकवाने का काम करता है।

