लखनऊ। सरकार ने न्याय व्यवस्था में सुधार और न्यायालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 9,845 करोड़ रुपये के बजट का प्रविधान किया है।
पिछले बजट की तुलना में सरकार ने न्याय व्यवस्था के बजट में नौ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। न्यायालय परिसरों के निर्माण की पायलेट परियोजना के तहत एक हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
साथ ही राज्य में 111 ग्राम न्यायालयों की स्थापना की गई है। इनमें भी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। बजट में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के त्वरित निस्तारण के लिए गठित 81 फास्ट ट्रैक अदालतों को स्थायी करने से लेकर एनआइ एक्ट के तहत 212 अस्थायी फास्ट ट्रैक अदालतों में भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
