प्रयागराज (राजेश सिंह)। साइबर अपराधियों ने एक महिला को 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करके ऑनलाइन ठग लिया। अपराधियों ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करके खुद को अधिकारी बताया और आतंकियों से संबंध होने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी का डर दिखाया। ठगी का शिकार हुई गिरिजा सिंह ने धूमनगंज थाने में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस जांच कर रही है।
धूमनगंज थाना क्षेत्र के नीम सराय मोहल्ला निवासी गिरिजा सिंह का कहना है कि दो मार्च 2026 की सुबह 11 बजे व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉलर वर्दी पहनकर बैठा था और उसके पीछे तिरंगा झंडा था।
कॉल करने वाले ने खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वायड लाल किला दिल्ली का इंस्पेक्टर अजय यादव बताया। उसने न्यूक्लियर सामान, मिसाइल, मिलिट्री ऑफिसर की आईडी, बैंक पासबुक, एटीएम और सिमकार्ड दिखाया। आरोप लगाया कि उनका व्हाट्सएप आतंकी शाहीन, आदिल और मुजम्मिल प्रयोग कर रहे हैं।
उनसे 20 लाख रुपये ले रहीं हैं। लाल किले की पुलिस जाएगी और गिरफ्तार करके लाएगी। किसी को बताने पर जान का खतरा है। फिर उसने बैंक खाता समेत अन्य जानकारी ली। यह भी कहा कि उसे बेटा समझे और जैसा कहे, वैसा करें। इल्जाम से क्लीनचिट दिलवा देगा।
तिरंगा देखकर गिरिजा ने वास्तविक अधिकारी मान लिया। तब साइबर अपराधी ने 15 लाख रुपये मांगे। महिला ने ऑनलाइन 55 हजार रुपये ट्रांसफर किया तो दिल्ली बुलाया। तबियत खराब होने से परेशान हो गईं और फिर भांजे से दो लाख रुपये लेकर ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। साइबर अधिकारियों ने कहा कि पैसा जल्द वापस हो जाएगा, लेकिन जब नहीं मिला तो गिरिजा को ठगी का पता चला। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
रिटायर आईबी इंस्पेक्टर समेत कई से हो चुकी ठगी
इससे पहले जार्जटाउन में रहने वाले एक रिटायर अधिकारी की पत्नी को डिजिटल अरेस्ट करके एक करोड़ 45 लाख रुपये की ठगी हुई थी। शिवकुटी निवासी रिटायर आईबी इंस्पेक्टर, राजरूपपुर के इंजीनियर समेत कई लोगों को साइबर अपराधी इस तरह से ठगी का शिकार बना चुके हैं।