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'खवातीन' आतंकी विंग की महिला इन्फ्लुएंसर गिरफ्तार

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नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल में कथित भूमिका के लिए हैदराबाद की रहने वाले एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है। वह एक सिंगल मदर है और उसके इंस्टाग्राम पर 38,000 फॉलोअर्स हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि वह कई राज्यों में युवाओं को ऑनलाइन कट्टरपंथी बनाने और उनकी भर्ती करने में शामिल थी।

'खवातीन' महिला विंग बनाने की योजना

25 मार्च तो सईदा को गिरफ्तार करने के बाद, विजयवाड़ा पुलिस के पता चला कि कथित तौर पर 'खवातीन' नाम के एक आतंकी संगठन की एक अलग महिला विंग बनाने और उसे उसकी लीडर बनाने की योजना थी। इस योजना के तहत भर्ती की गई महिलाओं को पूरे भारत में हमले के करने के लिए हथियार, बंदूकें और विस्फोटकों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जानी थी।

सईदा पर आतंकी नेटवर्क में महिलाओं की भर्ती का शक

सईदा, जो एक घरेलू सहायिका के तौर पर भी काम करती थी, उस पर आतंकियों के नेटवर्क में महिलाओं को भर्ती करने का शक है। हैदराबाद एक अखबार की 'डेक्कन क्रॉनिकल' रिपोर्ट के मुताबिक, उसके 42 महिलाओं की भर्ती की थी।

लादेन और जारिक नाइक के कट्टरपंथी वीडियो मिले

FIR के अनुसार, सईदा उन ऑनलाइन ग्रुप्स की एक एक्टिव मेंबर थी जो अल-कायदा के आतंकी ओसामा बिन लादेन के वीडियो और जाकिर नाइक और इसरार अहमद जैसे कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशकों के भाषणों को बढ़ावा देते थे। इसमें यह भी बताया गया है कि ये ऑनलाइन ग्रुप ISIS और AQIS से जुड़ी सामग्री और वीडियो फैलाते थे।

सईदा पर ISIS-AQIS से संपर्क का आरोप

एक खुफिया अधिकारी ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि जिस ग्रुप के साथ सईदा काम कर रही थी, उसके पाकिस्तानी हैंडलर्स और ISIS तथा अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) जैसे आतंकी संगठनों से संबंध थे। सईदा मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ के साथ काम करती थी, जो कथित तौर पर इस ग्रुप का इंचार्ज था, और उसके साथियों के साथ भी, जिन्हें मार्च में गिरफ्तार किया गया था।

सईदा ने पुलिस के आरोपों से किया इनकार

सईदा ने पुलिस द्वारा लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है, और उसके वकील का कहना है कि उसने ये ग्रुप नहीं बनाए थे, बल्कि उसे बिना उसकी जानकारी के इन ग्रुप्स में जोड़ दिया गया था। पुलिस के अनुसार, सईदा ने उन्हें बताया कि लगभग 7-8 महीने पहले उसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर एक लिंक मिला था, जो बाद में एक ऐसे धार्मिक समूह का निकला जो ISIS को बढ़ावा देने वाले वीडियो पोस्ट करता था।

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