प्रयागराज (राजेश सिंह)। यमुनानगर के मेजा थाना क्षेत्र के नीबी कुकुरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड की जांच अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के जरिये नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु यादव के मोबाइल नंबर की पिछले चार माह की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाई है। करीब 22 पन्नों की इस रिपोर्ट में कई ऐसे नंबर सामने आए हैं, जिन्हें पुलिस संदिग्ध मान रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि सीडीआर के विश्लेषण से वारदात के पीछे की पूरी साजिश और इसमें कथित रूप से शामिल किशोरी की भूमिका पर भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार, तिहरे हत्याकांड के बाद से ही पुलिस प्रेम प्रसंग के एंगल को केंद्र में रखकर जांच कर रही है। जांच में सामने आया था कि मुख्य आरोपी हिमांशु यादव का एक किशोरी से संपर्क था और दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर की विस्तृत कॉल डिटेल निकलवाई, जिसमें पिछले चार माह के कॉल और अन्य संपर्कों का ब्यौरा शामिल है।
जांच में मिली सीडीआर में कई ऐसे मोबाइल नंबर मिले हैं, जिन पर वारदात से पहले और बाद में लगातार बातचीत हुई है। पुलिस इन नंबरों के धारकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन लोगों का हत्याकांड से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध तो नहीं है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ इन नंबरों की लोकेशन और कॉल पैटर्न का भी विश्लेषण कर रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सीडीआर में मिले तथ्यों के आधार पर किशोरी की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात की योजना, आरोपियों की गतिविधियों अथवा घटना से जुड़े किसी अन्य पहलू की जानकारी उसे थी या नहीं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इन्कार किया है और जांच पूरी होने तक टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में कुछ और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। जांच टीम लगातार संदिग्ध नंबरों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और उनके संबंधों की पड़ताल कर रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, आरोपियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी हिमांशु यादव ने दावा किया था कि उसे हत्या के लिए किशोरी ने उकसाया था। हालांकि, जब पुलिस ने किशोरी से पूछताछ की तो उसने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि हिमांशु से उसकी मुलाकात हुई थी, लेकिन उस दौरान दोनों के बीच केवल शादी को लेकर बातचीत हुई थी। उसने हत्या की किसी योजना या घटना की जानकारी से इन्कार किया है।
