मिर्जापुर (राजेश सिंह)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विंध्य क्षेत्र के विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए अफसरों और जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट समय सीमा दी। बुधवार को दोपहर मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद अष्टभुजा डाक बंगला में मंडलीय समीक्षा बैठक में मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही के जनप्रतिनिधियों से ग्राम सड़क योजना, यूडीआर-एमडीआर सड़क, सेतु निर्माण, धर्मार्थ कार्य, बाईपास और लाजिस्टिक रोड समेत विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने-अपने सांसदों से समन्वय बनाकर विकास कार्यों का प्रस्ताव दें। इसे सभी जिलाधिकारी 15 जुलाई तक सभी प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन में भिजवाएं, ताकि 15 अगस्त तक धनराशि अवमुक्त हो। उन्होंने साफ कहा कि विकास योजनाएं फाइलों में नहीं, धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समयबद्ध कार्रवाई ही विकास की सबसे बड़ी कसौटी है। उन्होंने मीरजापुर के मतवार रोड समेत वर्षों पुराने और जर्जर मार्गों की मरम्मत व इंटरलाकिंग के लिए वन विभाग को स्थानीय स्तर पर शीघ्र एनओसी जारी करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही कहा कि विंध्याचल के साथ ही शहर की सड़कें साफ-सुथरी, व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप में नजर आएं। मीरजापुर में स्मार्ट रोड की तस्वीर दिखनी चाहिए। कहा कि विंध्याचल में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने विंध्याचल, अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर को जोड़ने वाले मार्गों के सुंदरीकरण, अतिक्रमण नियंत्रण, साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विंध्यधाम आने वाले श्रद्धालुओं को हर स्तर पर बेहतर अनुभव मिलना चाहिए। बैठक में रेलवे अंडरपास में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रदेश स्तर पर रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस निर्णय लिया जाएगा, ताकि वर्षों से चली आ रही परेशानी समाप्त हो सके।
