प्रयागराज (राजेश सिंह)। नोएडा में यात्रियों से भरी बस में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद उत्तर प्रदेश का परिवहन विभाग सक्रिय हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बस संचालकों के खिलाफ विभाग ने 'ऑपरेशन कवच 2.0' के तहत कार्रवाई तेज कर दी है।
प्रयागराज में सोमवार को आरटीओ प्रवर्तन की टीम ने जीटी रोड, मेडिकल चौराहे और सिविल लाइंस बस अड्डे के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान मानकों को ताक पर रखकर दौड़ रही 9 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि 17 बसों का चालान काटा गया। विभाग ने सख्त संदेश देते हुए कुल 4.5 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला है।
नोएडा अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में अफसर नोएडा में बस में आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद शासन-प्रशासन बसों में फिटनेस और अग्निशमन मानकों को लेकर बेहद सतर्क हो गया है। इसी क्रम में आरटीओ (प्रवर्तन) एसपी सिंह के निर्देशन में परिवहन विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम में एआरटीओ राजीव कुमार, आनंद राव, विवेक शुक्ला और पीटीओ रणवीर चौहान, केकी मिश्रा व मिथिलेश शामिल। अधिकारियों ने जीटी रोड, मेडिकल चौराहा और सिविल लाइंस बस अड्डे जैसे प्रमुख व व्यस्त इलाकों में बसों की चेकिंग की।
चेकिंग के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन द्वार) और फायर फाइटिंग उपकरणों (अग्निशामक यंत्रों) की बारीकी से जांच की गई। जांच में कई बसें बिना जरूरी सुरक्षा मानकों और नियमों के विपरीत चलती पाई गईं। नियमों की धज्जियां उड़ाने पर अफसरों ने बिना कोई रियायत बरते 9 बसों को तुरंत सीज कर दिया। वहीं, अन्य कमियों और कागजी खामियों पर 17 बसों के चालान काटे गए।
बस संचालकों में मचा हड़कंप शहर के मुख्य चौराहों और बस अड्डों पर परिवहन विभाग की इस अचानक और आक्रामक कार्रवाई से अवैध रूप से बसें चलाने वाले संचालकों व चालकों के बीच अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। आरटीओ (प्रवर्तन) एसपी सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
