प्रयागराज (राजेश सिंह)। यमुनानगर के औद्योगिक क्षेत्र थाना में एक महिला चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत और मां की जान खतरे में डालने से संबंधित है। घटना नवंबर 2025 की है। डीएम से शिकायत के बाद सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल टीम की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई है।
शिकायतकर्ता शंकर शुक्ल ने बताया कि उनकी पत्नी वशिता गर्भवती थीं। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था। 28 अक्तूबर 2025 को रात दर्द होने पर अगली सुबह वे अस्पताल पहुंचे। आरोपी डाॅक्टर ने डिलीवरी में 20 दिन का समय बताया और इंजेक्शन व दवाएं देकर घर भेज दिया। रात में फिर संपर्क करने पर डाॅक्टर ने इसे सामान्य बताया।
पांच नवंबर 2025 को गर्भवती को घबराहट हुई। दोबारा डाॅक्टर के पास जाने पर बताया गया कि बच्चे की मूवमेंट नहीं हो रही है और गले में नाल फंसने से उसकी मौत हो गई है। वशिता ने लापरवाही का आरोप लगाया, जिस पर डाॅक्टर ने बहस करने पर हाथ-पैर तुड़वाने की धमकी दी। अधिकारियों से शिकायत की बात पर भी धमकी दी गई।
इसके बाद वे करछना के एक अस्पताल पहुंचे, जहां डाॅक्टरों ने बताया कि बच्चे के शरीर में सड़न फैल चुकी है। सात नवंबर को वशिता को भर्ती कर मृत बच्चे को बाहर निकाला गया। गणेश शंकर शुक्ल ने डीएम से शिकायत की थी, जिसके बाद मेडिकल टीम की रिपोर्ट पर आरोपी महिला डाॅक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एसओ औद्योगिक क्षेत्र कमलेश पटेल ने बताया कि मेडिकल टीम की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज की गई है।
