प्रयागराज (राजेश सिंह)। माफिया अतीक अहमद की बेनामी प्रापर्टी को अब उसके ही कुछ गुर्गे बेच रहे हैं। गैंग्सटर एक्ट के तहत पुलिस संपत्तियों को चिह्नित कर रही है तो जिला प्रशासन की टीम जांच। जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम अवैध और बेनामी प्रापर्टी को अटैच करने से कोसों दूर है। ऐसा तब है जब मनी लांड्रिंग के दूसरे मामले में ईडी की ओर से कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अतीक के करीबियों को लेकर पूरा विभाग शांत हैं। इसको लेकर अब पुलिस-प्रशासन नए सिरे से जांच कर रहा है।
माफिया अतीक अहमद के खिलाफ ईडी ने वर्ष 2020 में मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। इसके बाद आठ करोड़ रुपये की प्रापर्टी और अतीक व उसकी बीवी शाइस्ता के बैंक खाते अटैच किया था। साबरमती जेल में माफिया अतीक का बयान लेने और मनी ट्रेल स्थापित करने पर अहम जानकारी हाथ लगी। तब अप्रैल 2023 को ईडी की टीम ने माफिया की करीबी बिल्डर संजीव अग्रवाल, पूर्व विधायक आसिफ जाफरी, कारोबारी दीपक भार्गव, रिश्तेदार खालिद जफर, सहयोगी वकील शौलत हनीफ खान, बिल्डर अमित गोयल, अतुल द्विवेदी व चार्टर्ड एकाउंटेंट सीताराम शुक्ला, पूर्व प्रधान गुलफुल के बेटे वदूद समेत कई अन्य के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान नोट गिनने की मशीन, 100 से अधिक संपत्तियों के अभिलेख, 75 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा, सोने-चांदी के जेवर, 200 बैंक खातों व 50 शेल कंपनियों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए थे। इसके बाद अब तक किसी करीबी की कोई प्रापर्टी अटैच नहीं की जा सकी। पुलिस सूत्रों का कहना शुरुआती छानबीन में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसके आधार पर अब जांच के दायरे में अतीक के करीबी बिल्डर, फाइनेंसर, सहयोगियों को भी दायरे में लाया जा रहा है।
