प्रयागराज (राजेश सिंह)। गंगापार के हंडिया थानांतर्गत बनपुरवा सरायपीथा गांव में 35 वर्षीय सुशील कुमार की तीन जुलाई की सुबह घर में फंदे से लटकती लाश मिलने के बाद हंडिया के सपा विधायक हाकिम लाल बिंद समेत पांच के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें मृतक के छोटे भाई संतोष की पत्नी गौरी और उसके रिश्तेदार शामिल थे।
साथ ही 11 जून को सुशील के भाई संतोष की हुई मौत मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा भी दर्ज किया गया। इसमें गौरी समेत सात को आरोपित बनाया गया। हंडिया पुलिस ने शनिवार को नामजद आरोपित सेवना गांव की रहने वाली गौरी और उसके भाई लाला को गिरफ्तार कर लिया। वहीं विधायक हाकिम लाल बिंद समेत अन्य आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
बनपुरवा सरायपीथा गांव निवासी सुशील कुमार का शव शुक्रवार यानी तीन जुलाई सुबह घर के भीतर फंदे से लटकता मिला था। इसके पहले 11 जून को उनके छोटे भाई संतोष कुमार की मौत हो गई थी। संतोष की लाश गांव के बाहर नीम के पेड़ से फंदे के सहारे लटकती मिली थी। उस समय भी घरवालों ने जमीन के विवाद में हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
तीन जुलाई को सुशील की लाश जब फंदे से लटकते स्वजन और ग्रामीणों ने देखी तो उनका धैर्य जवाब दे गया। हंगामा करते हुए जमीन के विवाद को लेकर सुशील कुमार को मारकर फंदे से लटकने का आरोप हंडिया विधायक हाकिम लाल बिंद, गायिका सुमित्रा नंदनी निवासी सैदाबाद, उसके भाई अमित गौतम, सेवना की रहने वाली गौरी और उसके जीजा संजय गौतम पर लगाया।
पुलिस ने इन पांचो के खिलाफ हत्या समेत तीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। 11 जून को संतोष की हुई मौत को लेकर दी गई तहरीर को भी गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया। इसमें संतोष की पत्नी गौरी और उसके भाई लल्ला समेत सात को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था। इसके बाद पुलिस ने गौरी और लल्ला को गिरफ्तार कर लिया।
हंडिया इंस्पेक्टर अनूप सरोज का कहना है कि मामले से जुड़े दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। विधायक हाकिम लाल बिंद, गौरी की मौसी की लड़की गायिका सुमित्रा नंदिनी समेत अन्य आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। आरोपितों ने अपने मोबाइल फोन को स्विच आफ कर लिया है, जिस कारण की लोकेशन नहीं मिल पा रही है। हालांकि टीमें लगी हैं और जल्द ही गिरफ्तारी होगी।
बनपुरवा सरायपीथा गांव में सुशील कुमार से पहले उसके छोटे भाई संतोष कुमार की मौत हो गई थी। 11 जून को गांव के बाहर पेड़ से फंदे के सहारे उसकी लाश लटकती मिली थी। घटना के तीन दिन पहले ही संतोष की शादी हुई थी। शुक्रवार सुबह सुशील कुमार की मौत के बाद घरवाले संतोष की भी हत्या का आरोप लगा रहे थे। हंडिया पुलिस को दी गई तहरीर में बकायदा इसका जिक्र किया गया है। स्पष्ट कहा गया है कि दोनों की हत्या की गई।
पीड़ित पक्ष की ये हैं मांग
- झिरिहरी ग्राम सभा में जो जमीन है, उस पर कब्जा दिलाया जाए।
- परिवार को सुरक्षा दी जाए।
- सरकारी नौकरी दी जाए।
- विधायक द्वारा जो जमीन कब्जा की गई है, उसे दिलाया जाए।
पुलिस को मृतक के भाई सुनील कुमार उर्फ दारा और मां लालती ने संयुक्त रूप से तहरीर दी। इसमें कहा गया कि हंडिया विधायक हाकिम लाल बिंद के इशारे पर संतोष और सुशील को धमकाया जाता था कि कहीं हमारा नाम लिया तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। शादी से पहले संतोष को धमकाया गया था कि शादी करोगे तो मार देंगे। शादी के तीन दिन बाद संतोष को मार दिया जाता है। पुलिस से शिकायत की जाती है। कुछ लोगों का नाम भी लिखकर दिया जाता है।
तहरीर के अनुसार पुलिस कइयों को पकड़ती भी है, लेकिन बाद में छोड़ दिया जाता है। विधायक हाकिम लाल बिंद के इशारे पर ही सुशील की भी हत्या की गई है। इसमें मुख्य आरोपित विधायक ही है। मृतक के घरवालों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि लंबे समय से विधायक द्वारा जमीन पर कब्जा किया गया है। हमेशा धमकी दी जाती थी। पूरा परिवार डरा सहमा रहता था। बार-बार पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिणाम यह रहा कि दो सगे भाइयों की मौत हो गई।
