प्रयागराज (राजेश सिंह)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दिशा छात्र संगठन के प्रदर्शन में जमकर हंगामा हुआ। परिसर में चल रहे प्रदर्शन के दौरान छात्रों के एक गुट ने हमला बोल दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इस दौरान कई छात्रों के सिर फूट गए और दर्जनों छात्र घायल हो गए।
इस दौरान हालैंड हाल छात्रावास के एक अंतेवासी को भी पीट दिया गया। इसके बाद हॉलैंड हॉल और एसएसएल के अंतेवासियों के बीच भी भिड़ंत हो गई और कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रों ने कर्नलगंज थाने का घेराव कर दिया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दिशा छात्र संगठन कई दिन से प्रदर्शन कर रहा है। मंगलवार को संगठन के कार्यकर्ता सुरक्षा कर्मियों के गलत व्यवहार और धौंस दिखाने के खिलाफ परिसर में मार्च निकाल रहे थे तभी छात्रों के एक गुट ने हमला कर दिया। एक प्रोफेसर ने बीच-बचाव किया पर कुछ देर में हमला करने वाले छात्रों का बड़ा समूह परिसर में आया और हमलावर हो गया। इसमें कई छात्रों के सर फूट गए। इसमें दिशा छात्र संगठन के प्रियांशु सहित कई को गंभीर चोट आई।
प्रियांशु ने आरोप लगाया कि अराजक तत्वों ने रॉड-डंडों और लात घूंसों से पीटा। विश्वविद्यालय प्रशासन मूकदर्शक बनकर देखते रहे। छात्र आशुतोष मौर्य ने कहा कि हमला सुनियोजित है। घटना की निष्पक्ष जांच करवा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर संवाद करने के बजाय आंदोलन को दबाने के लिए लगातार दमनात्मक कदम उठा रहा है। सभी घायल छात्रों को तत्काल समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा आंदोलनकारी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे छात्र आंदोलन पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी प्रो. जया कपूर ने बताया कि गेट नंबर एक पर दो छात्र गुटों के बीच हाथापाई की सूचना सुरक्षा गार्डों ने प्रॉक्टर कार्यालय को दी है। हालांकि घटना के संबंध में किसी पक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रदर्शनकारियों पर हमले के बाद एसएसएल और हॉलैंड हॉल के अंतेवासी भी आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें भी कई छात्र घायल हो गए। घायल छात्रों ने कार्रवाई की मांग को लेकर कर्नलगंज थाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि घायल छात्रों का मेडिकल नहीं कराया गया और न ही मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
