प्रयागराज (राजेश सिंह)। जनपद के ग्रामीण अंचल में भोले-भाले मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। आयुर्वेदिक और यूनानी पैथी से इलाज के लिए पंजीकृत अस्पताल व क्लीनिकों में इलाज एलोपैथिक विधा से किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में यदि आप भी अपना या किसी स्वजन का इलाज कराने प्राइवेट डॉक्टर के पास जा रहे हैं जो सावधानी पूर्वक उसके बोर्ड में लिखी डिग्री काे पढ़ लें।
गंगापार में फूलपुर के कनेहटी में सीएमओ की टीम ने डॉ. प्रदीप पांडेय की क्लीनिक पर छापेमारी की तो ऐसा ही मामला सामने आया। डॉक्टर की डिग्री एमबीबीएस नहीं थी और वह इलाज एलोपैथ विधा में करते हुए पाया गया। टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया।
इसके बाद टीम अनुपम यादव की शिकायत के आधार पर बलरामपुर बरेहटी मार्केट पहुंची। यहां अद्विका हास्पिटल का निरीक्षण किया। यहां पता चला कि अस्पताल क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी के कार्यालय से पंजीकृत है लेकिन अपने पैथी की बजाए डॉक्टर एलोपैथी विधि से मरीजों का इलाज कर रहा था। टीम ने इस अस्पताल को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
इसके बाद सीएमओ की टीम में शामिल सदस्यों ने बलरामपुर बरेहटी मार्केट से कुछ दूर पर संचालिक विनायक पैथोलॉजी को भी सील कर दिया। यहां पहुंचने पर पता चला कि लैब बिना किसी प्रशिक्षित चिकित्सक के ही संचालित की जा रही थी।
सीएमओ की टीम ने हंडिया तहसील क्षेत्र में स्थित साक्षी जनरल हास्पिटल, लाला बाजार का निरीक्षण किया। इस अस्पताल में दो महीने पहले गलत इलाज से अलबाज और मोहिनी के मृत्यु की शिकायत मिली थी। अस्पताल प्रबंधन ने इस संबंध में अपना पक्ष सीएमओ के सामने प्रस्तुत नहीं किया था। जब टीम ने अस्पताल में छापेमारी की तो कोई एलोपैथिक चिकित्सक नहीं मिले। बायोमेडिकल वेस्ट सर्टिफिकेट, फायर सर्टिफिकेट प्रदूषण सर्टिफिकेट की एनओसी भी अस्पताल संचालक ने प्रस्तुत नहीं की। इसपर टीम ने अस्पताल का पंजीकरण निलम्बित करते हुए नोटिस थमाया।
