मांडारोड, प्रयागराज (अनिल यादव)। पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौमे विलादत जश्ने ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) के मौके पर बुधवार को मांडा के गरेथा स्थित मस्जिद से भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस गरेथा मस्जिद से शुरू होकर नूरी मस्जिद होते हुए दिघिया बाजार पहुंचा, जहां से आंधी होते हुए पुनः नूरी मस्जिद पर आकर समापन हुआ। इस दौरान अकीदतमंदों ने सरकार की आमद मरहबा, लब्बैक या रसूलल्लाह के नारों से पूरे इलाके को गूंजायमान कर दिया। जुलूस में शामिल लोगों ने हाथों में इस्लामी झंडे ले रखे थे। जुलूस में क़व्वाल अब्दुल हमीद या क़व्वाल ने नात-ए-पाक पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का इस्तकबाल किया और शरबत व लंगर का इंतजाम किया। इस मौके के आयोजक हाफिज वसीम अकरम व दिलदार अली रहे, जबकि प्रबंधक जाकिर हुसैन, अकबर अली, पिंटू कादरी, राज अहमद और मोहम्मद नसीम ने व्यवस्था संभाली।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. नावेद कादरी, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद खुर्शीद, शेख जियाउल हक, शेख आलमगीर, शेख फखरे आलम, शकील, मेराज अली शेख, शमसुल हक, मोहम्मद जलील, जाफर अली, खुर्शीद आलम सहित सैकड़ों लोगों का विशेष सहयोग रहा। अंत में मुल्क में अमनो-अमान और भाईचारे के लिए दुआ की गई।

