आरपीएफ की मुस्तैदी से नाकाम हुई साजिश
प्रयागराज (राजेश सिंह)। बंगाल से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हुईं तीन नाबालिग बच्चियों को प्रयागराज जंक्शन पर पूर्वा एक्सप्रेस से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पहचान छिपाने के लिए तीनों बच्चियों को बुरका पहनाकर ले जाया जा रहा था, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) प्रयागराज की मुस्तैदी ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
भाषा की समस्या के चलते बच्चियां किसके साथ और कहां जा रही थी इसके बारे में कुछ बता नहीं सकी। एक दिन पहले बंगाल की बर्धमान पुलिस ने बच्चियों के लापता होने की सूचना और उनकी तस्वीरें प्रयागराज आरपीएफ को भेजी थीं।
यह बताया था कि वह लोग प्रयागराज की ओर आ रहे हैं। इनपुट था कि गाड़ी संख्या 12303 पूर्वा एक्सप्रेस में बच्चियां बैठी हैं। मंगलवार की रात ट्रेन के प्रयागराज जंक्शन पहुंचते ही प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार मीणा के नेतृत्व में ट्रेन की घेराबंदी हुई।
कोच में गहन तलाशी अभियान चलने लगा। आरक्षित कोचों में बच्चियां नहीं मिली। जांच के दौरान टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि तीनों बच्चियों ने बुरका पहन रखा था, जिससे तस्वीरों से पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उप निरीक्षक कार्तिक मिश्रा और महिला सिपाही प्रेम कुमारी ने जनरल कोच में सघन तलाशी करते हुए पहुंचे।
महिला सिपाही प्रेम कुमारी और आरपीएफ जवानों ने सतर्कता बरतते हुए कोच में मौजूद संदिग्ध युवतियों से सूझबूझ और मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ की।
इंस्पेक्टर अमित मीणा ने बताया कि विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चियों को तत्काल चाइल्डलाइन प्रयागराज के सुपुर्द किया गया। बुधवार को बर्धमान पुलिस की टीम प्रयागराज पहुंची और चाइल्डलाइन से बच्चियों को अपनी कस्टडी में लेकर वापस बंगाल रवाना हो गई।
