प्रयागराज (राजेश सिंह)। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) रिंग रोड का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। प्रस्तावित योजना के तहत रिंग रोड को प्रयागराज से चित्रकूट तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे दोनों शहरों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो सकेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण रिंग रोड के तीसरे चरण के रूप में किया जाएगा। परियोजना के लिए 350 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार रिंग रोड के विस्तार से न केवल प्रयागराज और चित्रकूट के बीच यात्रा का समय कम होगा, बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
वर्तमान में चित्रकूट की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे यातायात का दबाव बढ़ता है। नई सड़क बनने के बाद भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा और जाम की समस्या में भी कमी आएगी।
योजना के तहत प्रयागराज से चित्रकूट के राजापुर तक रिंग रोड का निर्माण दूसरे चरण की परियोजनाओं के साथ शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रिंग रोड के विस्तार से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। चित्रकूट देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रयागराज में रिंग रोड का निर्माण लगभग 70 किलोमीटर के दायरे में पहले प्रस्तावित था। पहले फेज में लगभग 30 किलोमीटर तक का सहसो से रीवा रोड के दांदू पुर तक निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। दूसरे चरण में 40 किलोमीटर तक रिंग रोड बनेगा। एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि बारिश के बाद दूसरे फेज का निर्माण शुरू किया जाएगा।
