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उत्तर प्रदेश में बसपा के इकलाैते विधायक उमाशंकर का दिल्ली में निधन, तीन बार रहे विधायक

SV News

बलिया (राजेश सिंह)। रसड़ा बसपा विधायक उमा शंकर सिंह की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत की खबर लगते ही विधान सभा सहित जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। उमाशंकर सिंह बसपा के एकलौते विधायक थे। बसपा के कद्दावर नेताओं में उमाशंकर सिंह गिनती होती थी।। रसड़ा विधान सभा में सामान्य सीट होने पर रसड़ा विधायक बने। उसके बाद लगातार तीन बार विधायक बने। एक बार उनकी विधायकी एक पद पर रहते हुए दो लाभ लेने पर उनकी विधायकी खत्म हुईं थी। लेकिन पुनः विधायकी बहाल हो गई थीं। सर्व प्रथम 2012 में होने सामान्य सीट होने पर बसपा से बंपर वोट से चुनाव जीते। उसके बाद 2022 चुनाव में बसपा के एकलौते विधायक बन कर इतिहास लिखा था। उनके 251 शादी कराने के बाद प्रदेश में चर्चा में विधायक उमाशंकर सिंह ने पुनः 351 जोड़ो की शादी कराकर विधान सभा सहित प्रदेश में चर्चा का विषय बने। विधान क्षेत्र सहित जनपद के बाहर समाज सेवा में कार्य कर अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
सीएम योगी ने एक्स पर लिखा कि बलिया जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमा शंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है। मेरी ओर से उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि। मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को उनके चरणों में स्थान मिले और शोक संतप्त परिवार को शक्ति प्राप्त हो।

बसपा सुप्रीमाे मायावती ने एक्स पर पोस्ट किया- 'बलिया की रसड़ा सीट से समर्पित, ईमानदार और पूर्णतः पार्टी के प्रति निष्ठावान लोकप्रिय विधायक उमा शंकर सिंह के दीर्घकालीन बीमारी के इलाज के दौरान निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उनके परिवार और सभी शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। उनका पूरा परिवार बसपा परिवार के समान है और परिवार के सभी सदस्य मुझे बड़ी बहन की तरह सम्मान और आदर देते हैं। उनके पुत्र के साथ निरंतर संपर्क में रहने के दौरान ही मुझे उनके निधन की सूचना मिली। इस दुःख की घड़ी में मैं और पूरी पार्टी उनके और उनके परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें किसी भी प्रकार से हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, बल्कि इस स्थिति का सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने सोशल मीडिया एक्स पर शोक संवेदना जाहिर की है। उन्होंने लिखा- 'मेरे गृह जिले बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के असामयिक निधन की खबर अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाली है। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने जनसेवा और क्षेत्र के विकास में जो योगदान दिया, उसे सदा सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा। उनका निधन सामाजिक और राजनीतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को दिव्य चरणों में स्थान मिले और शोक संतप्त परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति मिले। ओम शांति। विनम्र श्रद्धांजलि।'
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी शोक संवेदना जताई है। एक्स पर उन्होंने लिखा- 'बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन अत्यंत दुखद है! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। शोक संतप्त परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। हार्दिक श्रद्धांजलि!'

रसड़ा से लगातार तीन बार विधायक बने उमाशंकर सिंह

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता और बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़, जनसेवा और संगठन के प्रति निष्ठा के लिए विशेष पहचान रखते हैं। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब बसपा का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा, तब उमाशंकर सिंह ने रसड़ा विधानसभा सीट से शानदार जीत दर्ज कर पार्टी का विधानसभा में खाता खोला। वह उस चुनाव में बसपा के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले इकलौते विधायक बने। इसके बाद पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें बसपा विधायक दल का नेता भी बनाया।

प्रारंभिक जीवन और परिवार

उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा क्षेत्र स्थित खनवर गांव में हुआ। उनके पिता श्री घुराहु सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त पूर्व सैन्यकर्मी थे। उनका मूल निवास बलिया जिला है। पारिवारिक संस्कारों और अनुशासित वातावरण ने उनके व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन को मजबूत आधार प्रदान किया।

लगातार तीन चुनावों में जीत

उमाशंकर सिंह ने पहली बार 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में रसड़ा विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी लगातार विजय हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया। लगातार तीन बार जनता का विश्वास प्राप्त करना उनके क्षेत्र में मजबूत जनाधार और लोकप्रियता का प्रमाण माना जाता है।

2022 में बसपा के लिए सबसे बड़ी उम्मीद

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जब उत्तर प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, तब उमाशंकर सिंह ने रसड़ा विधानसभा सीट जीतकर पार्टी की प्रतिष्ठा बचाई। वह बसपा के इकलौते विजयी विधायक बने और विधानसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा, सक्रिय भूमिका और संगठन में प्रभाव को देखते हुए उन्हें बसपा विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया।

सामाजिक कार्यों से भी बनाई पहचान

राजनीति के साथ-साथ उमाशंकर सिंह व्यवसाय (ठेकेदारी) और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों की समस्याओं के समाधान, जनसंपर्क और सक्रिय कार्यशैली के कारण उन्होंने एक अलग पहचान बनाई है। स्थानीय स्तर पर उन्हें एक कद्दावर, प्रभावशाली और मददगार नेता के रूप में देखा जाता है। क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता का आधार जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना और विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करना माना जाता है।

जनविश्वास की मजबूत मिसाल

लगातार तीन बार विधायक चुने जाना, कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी पार्टी का प्रतिनिधित्व करना और संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालना उमाशंकर सिंह के राजनीतिक सफर की प्रमुख उपलब्धियां हैं। बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा में उनका नाम उन नेताओं में लिया जाता है, जिन्होंने जनसेवा, संगठन के प्रति समर्पण और मजबूत जनाधार के दम पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है।

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