चार थानों की फोर्स-पीएसी की निगरानी में 10 घंटे चला बुलडोजर
इस दौरान डेयरी मालिक के पक्ष में पहुंचे लोगों और अधिवक्ताओं ने PDA की कार्रवाई का विरोध कर दिया। इस पर PDA के जोनल अफसर से उनकी जमकर नोकझोंक भी हुई। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी भी मौके पर बुलानी पड़ी। दोपहर 1:30 बजे से देर रात तक लगभग 10 घंटे चली कार्रवाई में डेयरी को जमींदोज करा दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, मरियाडीह स्थित विष्णापुरी कॉलोनी में करीब पांच बीघा जमीन पर यह डेयरी बनी हुई है। सोमवार दोपहर 1:30 बजे के करीब PDA के अधिकारी बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे। टीम ने निर्माण को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। PDA अधिकारियों के मुताबिक, डेयरी के निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था। इसके साथ ही यह नदी क्षेत्र के हाई फ्लड लेवल यानी एचएफएल एरिया में अवैध तरीके से बनाया गया था।
कार्रवाई के दौरान टीम ने डेयरी की एक तरफ बनी दीवार को तोड़ना शुरू किया। इसी बीच डेयरी मालिक के पक्ष में कई लोग मौके पर पहुंच गए। उनके साथ कुछ अधिवक्ता भी थे। अधिवक्ताओं ने PDA की कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण से पहले कोई नोटिस जारी नहीं किया गया।
अधिवक्ताओं के विरोध पर कार्रवाई में शामिल PDA के जोनल अफसर गंगेश कुमार ने कहा कि संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ देर तक मौके पर माहौल तनावपूर्ण रहा और एक समय कार्रवाई भी रोकनी पड़ी।
विरोध बढ़ता देख PDA अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों और अधिवक्ताओं को शांत कराया, जिसके बाद PDA की ध्वस्तीकरण कार्रवाई दोबारा शुरू की गई। इसके बाद एहतियातन पीएसी भी बुला ली गई। इसके बाद देर रात तक कार्रवाई चली।
जैद खालिद पूर्व में माफिया अतीक अहमद का करीबी रहा था और उसके गुर्गों के साथ मुकदमों में सह अभियुक्त भी रहा। बाद में उसी ने अतीक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। वह धूमनगंज थाने का बी क्लास हिस्ट्रीशीटर भी है।
पिछले साल अक्टूबर में उसका नाम तब फिर चर्चा में आया जब एटीएस यानी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड और ईवीएम वीवीपैट के लिए चिहि्नत जमीन को कब्जा कर उस पर प्लॉटिंग करने के आरोप में उसके साथ ही कुल सात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पूरामुफ्ती थाने में यह एफआईआर दो लेखपालों की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी।वह अतीक के कुख्यात शूटर आबिद का दामाद भी है।
अतीक के साबरमती जेल में रहने के दौरान उसकी और जैद खालिद की बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ, जो बेहद चर्चित रहा था। इसी साल उसे व कई अन्य लोगों को भूमाफिया भी घोषित किया गया था।
एसीपी धूमनगंज रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि PDA अधिकारियों की सूचना पर वह स्वयं पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया गया, जिसके बाद PDA की कार्रवाई आगे बढ़ी।
उधर इस मामले में कार्रवाई दल में शामिल पीडीए जोन एक के जोनल अफसर गंगेश कुमार ने बताया, यह डेयरी विष्णापुरी कॉलोनी में अप्रैल महीने में अब्दुल खालिद पुत्र जैद खालिद की ओर से इसी साल अप्रैल में बनवाई गई। जिस जगह डेयरी का निर्माण कराया गया, वह गंगा नदी का कछार है और एचएफएल घोषित है, जहां किसी भी तरह का निर्माण अवैधानिक है। कुल लगभग 3000 वर्ग मीटर एरिया में निर्माण हुआ था। जिसे डिमॉलिश कराया गया है। कार्रवाई के दौरान सात-आठ बार व्यवधान भी डाला गया।



