प्रयागराज (। प्रयागराज के बहुचर्चित जवाहर पंडित हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे करवरिया बंधुओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व एमएलसी सूर्यभान करवरिया और उनके सहयोगी रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति सलील कुमार राय और न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को जमानत पर रिहा करने से साफ इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि यह चर्चित हत्याकांड 13 अगस्त 1996 को सिविल लाइंस इलाके में हुआ था। समाजवादी पार्टी के तत्कालीन विधायक जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित की दिनदहाड़े एके-47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था।
मामले की सुनवाई के बाद प्रयागराज की विचारण अदालत ने पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व विधान परिषद सदस्य सूर्यभान करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान करवरिया और रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
सजा के खिलाफ सभी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दाखिल की है, जो अभी लंबित है। इसी अपील के लंबित रहने के दौरान उम्रकैद काट रहे तीन अभियुक्तों ने दूसरी बार जमानत पर रिहा करने की मांग की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
