11 फरवरी से 5 दिन चलेगा, 228 भाषाओं में 277 प्रस्तुतियां
प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी), प्रयागराज में 11 से 15 फरवरी तक पांच दिवसीय नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के प्रतिष्ठित 25वें भारत रंग महोत्सव 2026 के प्रयागराज अध्याय के रूप में संपन्न होगा। इस समारोह में हर दिन एक अलग नाटक का मंचन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश की रंगमंचीय विविधता देखने को मिलेगी।
महोत्सव का उद्घाटन 11 फरवरी को हिंदी नाटक “दीक्षा” से होगा। यह नाटक प्रख्यात साहित्यकार नरेंद्र कोहली द्वारा लिखा गया है और इसका निर्देशन आलोक चटर्जी ने किया है। गोरखपुर की दर्पण संस्था द्वारा प्रस्तुत यह नाटक एनएसडी के पूर्व छात्र आलोक चटर्जी को श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित है।
12 फरवरी को कोलकाता की संस्था बंगाल अर्घ्य द्वारा बंगाली नाटक “विंसेंट एर मृत्यु” का मंचन किया जाएगा। इसके बाद 13 फरवरी को बिहार के बेगूसराय स्थित द फैक्ट आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी द्वारा हिंदी नाटक “कथा” प्रस्तुत किया जाएगा।
14 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच की झलक रूसी भाषा के नाटक “फेसेज ऑफ ओलोंखो” के मंचन के साथ देखने को मिलेगी। यह प्रस्तुति साखा क्षेत्र की वीरगाथा परंपरा और ओलोंखो महाकाव्य की भावभूमि पर आधारित है। समारोह के अंतिम दिन, 15 फरवरी को मुंबई की अनुष्ठान सांस्कृतिक संस्थान द्वारा हिंदी नाटक “जोगिया राग” का मंचन किया जाएगा, जिसके साथ इस पांच दिवसीय नाट्य उत्सव का समापन होगा। एनसीजेडसीसी के निदेशक सुदेश शर्मा के अनुसार, सभी नाटकों का मंचन प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से किया जाएगा। दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।
गौरतलब है कि भारत रंग महोत्सव 2026 का 25वां संस्करण 27 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक कुल 25 दिनों तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान 228 भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में 277 से अधिक प्रस्तुतियां हो रही हैं। नौ देशों की सहभागिता वाले इस महोत्सव में भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के रंगमंडल भाग ले रहे हैं। बाल कलाकारों, आदिवासी समुदायों और हाशिये पर मौजूद वर्गों की प्रस्तुतियां भी इस महोत्सव को विशेष बनाती हैं।
