मेजा, प्रयागराज (राजेश सिंह)। मेजा रोड रेलवे अंडरपास में भीषण जलभराव के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अंडरपास में घुटने तक पानी भर जाने से स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति दोपहिया वाहन चालकों, विशेषकर बाइक और स्कूटी सवार महिलाओं की है, जो पानी के नीचे गड्ढों का अंदाजा न होने के कारण गिरकर चोटिल हो रही हैं। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए रेल प्रशासन सैप्टिक टैंक खाली करने वाली मशीनों की मदद से पानी निकलवाने का प्रयास कर रहा है, जिसे लेकर स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश है।
जलभराव की इस समस्या से मेजा रोड क्षेत्र के आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य बाजार और स्टेशन से प्रभावित हो गया है। पानी में डूबी सड़क पर से गुजरने के दौरान कई वाहन बंद हो रहे हैं। अचानक पानी के बीच संतुलन बिगड़ने से कई राहगीर गिर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर सुबह और शाम के वक्त स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों की भारी आवाजाही रहती है, जिन्हें इस स्थिति के कारण जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है।
रेल प्रशासन द्वारा अंडरपास से जल निकासी के लिए सैप्टिक टैंक सक्शन मशीनें लगाई गई हैं। हालांकि, पानी की अत्यधिक मात्रा को देखते हुए यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। ग्रामीणों और राहगीरों का मानना है कि सैप्टिक टैंक मशीन से पानी निकालना केवल एक अस्थाई और धीमा उपाय है। जल निकासी की कोई ठोस या स्थायी व्यवस्था न होने के कारण थोड़ी सी बारिश या पानी के रिसाव से ही यहां जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
इस अव्यवस्था को लेकर क्षेत्र के लोगों में रेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब से इस अंडरपास का निर्माण हुआ है, तभी से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन हर बार केवल तात्कालिक कदम उठाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेता है।
मेजा रोड अंडरपास में जलभराव की समस्या अब एक बड़े नागरिक संकट का रूप ले चुकी है। जब तक रेल प्रशासन यहां उच्च क्षमता वाले पंप सेट और स्थायी ड्रेनेज (नाली) प्रणाली का निर्माण नहीं कराता, तब तक राहगीरों को इस खतरनाक स्थिति से राहत मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को त्वरित और दीर्घकालिक समाधान पर ध्यान केंद्रित करने की सख्त जरूरत है।
