लखनऊ (दिवाकर सिंह)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डॉ. राजेश्वर सिंह ने बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सत्य, अहिंसा तथा स्वदेशी के विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आज दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व के संघर्षों, गाज़ा, सूडान, यमन, म्यांमार और इथियोपिया के तिग्रे क्षेत्र में जारी हिंसा जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। इन संघर्षों का सबसे बड़ा बोझ आम नागरिकों, बच्चों और परिवारों पर पड़ता है। युद्ध जीवन, आजीविका और विकास को तबाह करता है; स्थायी शांति ही मानवता की प्रगति का आधार बन सकती है।
उन्होंने कहा, “गांधी जी की अहिंसा कमजोरी नहीं, अदम्य आत्मबल और नैतिक साहस का मार्ग है। उनका संदेश आज भी स्पष्ट हैकृविरोध हो सकता है, लेकिन हिंसा नहीं; मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद और मानवता का रास्ता बंद नहीं होना चाहिए। दुनिया को युद्ध और प्रतिशोध के चक्र से बाहर निकलकर शांति के प्रयासों को प्राथमिकता देनी होगी। शांति के बिना किसी भी राष्ट्र या समाज की वास्तविक प्रगति संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि गांधी जी ने खादी, ग्रामोद्योग और स्वदेशी के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और श्रमिकों को सशक्त बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, एमएलसी श्री मुकेश शर्मा, डॉ. लालजी निर्मल और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

